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Beti Ki Peti: लड़कियों—महिलाओ के लिए लगाई गई थी ‘बेटी की पेटी’ , पुलिस उसे चेक करना ही भूल गई, महीनो से बंद है पेटिया

Beti Ki Peti: बेटी की पेटी
Beti Ki Peti: बेटी की पेटी

ग्वालियर न्यूज, ग्वालियर डायरीज: बात है बेटियों की सुरक्षा की, आज कल महिलाओ के सुरक्षा के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग किया जा रहा है साथ ही प्रशासन नए नए तरीके आजमाकर महिलाओ की सुरक्षा को बढ़ाने का पूरी तरह से कोशिश कर रही है, इसी कड़ी में प्रशासन ने बेटी की पेटी नाम से एक योजना की शुरुवात की थी जिसके तहत इनमे उन महिलाओ–लड़कियों की शिकायत सुनी जानी थी जो सामने आकर अपनी बात कहने से डरती या फिर किसी और वजह (बदनामी, मारपीट इत्यादि) से खुलकर सामने आकर कहने से डरती है। लेकिन हैरत की बात यह है की यह पेटी खोली ही नही जा रही , महिलाओ की परेशानी दूर करने की बाद तो दूर की रही। 

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5 सितंबर रविवार के दिन समाजसेवी किरन खेनवार ने बेटी के पेटी के साथ हो रहे अन्याय को लेकर अपने बात उठाई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने पूरे मामले को गंभीरता से लेने के विश्वास दिलाया है।

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