ग्वालियर: भक्तों रहित मनेगा ये जन्मोत्सव, ऑनलाइन दर्शन है माध्यम।

पहली बार बिना भक्तों के बिना मंदिरों में मनेगा जन्मोत्सव।

भक्तों रहित मनेगा

ग्वालियर। सभी पुराणों के मतानुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मउत्सव 12 अगस्त, बुधवार को घर व मंदिरों में मनाया जाएगा। इतिहास में ये पहला मौका है जब भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव सभी जगह मंदिरों में भक्तों रहित मनेगा । मंदिरों में सिर्फ पुजारियों की मौजूदगी में सारी परंपराएं पूरी की जाएंगी।

इस बार मंदिरों की बजाय भक्त ऑनलाइन या चैनल पर सीधा प्रसारण के जरिए भगवान का जन्मोत्सव देख पाएंगे। फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर पर भगवान श्री राधा कृष्ण को बेशकीमती गहनों से सजाया जाएगा तथा पूजा अर्चना के उपरांत दोपहर 12 बजे बाद भगवान के मनोहारी रूप के दर्शनों के लिए एलईडी के माध्यम से प्रसारण किया जाएगा।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर के कृष्ण मंदिर सजकर तैयार हो गए हैं और दुल्हन की तरह दिखाई दे रहे हैं। मंदिरों में आकर्षक विद्युत सजावट व फूल बंगला भी सजाया गया है। रात 12 बजे भगवान कृष्ण जन्म होगा।

वहीं प्रशासन ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिरों एवं अन्य पूजा स्थलों पर एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालुओं को प्रवेश र प्रतिबंधित है । श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने को लेकर हर बार की तरह इस बार भी शेरवानी उत्साहित हैं ।

इसी वजह से बाजारों में भगवान की पोशाक व पूजन सामाग्री खरीदने वालों की भीड़ उमड़ रही है। लोग भगवान के लिए डिजाइनर पोशाकें, पलना आदि खरीद रहे हैं ।

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बाहर से ही होंगे भगवान के दर्शन;

भगवान श्रीकृष्ण का एक दिवसीय जन्मोत्सव का कार्यक्रम अचलेश्वर युवा भक्त मंडल द्वारा बुधवार को मंदिर पर मनाया जाएगा। कोरोना महामारी के कारण | भक्तों को मंदिर के बाहर से ही दर्शन करने होंगे। इस दौरान किसी को भी मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

इस आयोजन में मंदिर परिसर में विद्युत सजावट, फूल बंगला एवं छप्पन प्रकार के भोग लगाए जाएंगे। भगवान अचलनाथ अपने भक्तों को भांग द्वारा निर्मित विशेष श्रृंगार में दिव्य दर्शन देंगे।